रुद्रपुर। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश भर में उठ रहा जनाक्रोश अब सरकार के लिए गले की हड्डी बनता जा रहा है। लगातार हो रहे विरोध, कैंडल मार्च और जन आंदोलनों के दबाव में सरकार झुकती हुई नजर आ रही है। यही कारण है कि अब निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई के आश्वासन सामने आने लगे हैं। इसे उत्तराखंडवासियों की एक महत्वपूर्ण जन उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
इसी क्रम में शैल सांस्कृतिक समिति एवं शैल परिषद के संयुक्त तत्वावधान में गंगापुर रोड स्थित दक्ष चौराहे से गोलजू मंदिर, मोदी मैदान के सामने तक विशाल कैंडल मार्च निकाला गया। हजारों की संख्या में नागरिकों ने इस शांतिपूर्ण मार्च में भाग लेकर न्याय की मांग को और मजबूत किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में वीआईपी संरक्षण के आरोपों के विरुद्ध खुलकर आक्रोश व्यक्त किया।
जनदबाव के बीच प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा अंकिता भंडारी हत्याकांड की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच का आश्वासन दिया गया है। सरकार की यह बदली हुई मुद्रा स्पष्ट संकेत देती है कि जनता की एकजुट आवाज़ ने सत्ता को जवाबदेह बनने के लिए विवश किया है।

कैंडल मार्च में शामिल वक्ताओं ने कहा कि यह लड़ाई किसी एक पीड़िता की नहीं, बल्कि उत्तराखंड की हर बेटी की अस्मिता और सुरक्षा की लड़ाई है। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक मामले के हर दोषी को सजा नहीं मिलती और पूरे सच से पर्दा नहीं उठता, तब तक जनआंदोलन जारी रहेगा।
स्पष्ट है कि अंकिता को न्याय दिलाने की यह लड़ाई अब जन-जन की लड़ाई बन चुकी है और सरकार पर बना यह दबाव लोकतंत्र में जनता की ताकत का जीवंत उदाहरण है।
शैल ग्लोबल टाइम्स से दिनेश बम रुद्रपुर उत्तराखंड ।

