नई दिल्ली/कोलकाता/लखनऊ, संवाददाता:
भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक अमेरिकी नागरिक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि ये लोग भारत के रास्ते म्यांमार जाकर विद्रोही समूहों को ड्रोन और हथियारों का प्रशिक्षण दे रहे थे तथा भारत में भी संभावित आतंकी गतिविधियों की साजिश रच रहे थे।
कहाँ और कैसे हुई गिरफ्तारी

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इन सभी को दिल्ली, कोलकाता और लखनऊ एयरपोर्ट से हिरासत में लिया। जांच में सामने आया कि ये सभी भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, विशेषकर मिजोरम के रास्ते अवैध रूप से म्यांमार में प्रवेश कर रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, एजेंसियां पिछले कई महीनों से इनकी गतिविधियों पर नजर रख रही थीं और अंतरराष्ट्रीय खुफिया इनपुट (रूसी सूचना सहित) के बाद कार्रवाई तेज की गई।
कौन है मुख्य आरोपी अमेरिकी नागरिक
गिरफ्तार अमेरिकी नागरिक की पहचान मैथ्यू वैनडाइक के रूप में हुई है, जो पहले भी कई युद्ध क्षेत्रों में सक्रिय रह चुका है।
लीबिया युद्ध में भागीदारी विभिन्न संघर्ष क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियों का अनुभव खुद को सुरक्षा विशेषज्ञ और डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर बताता था
एजेंसियों के अनुसार, वह ड्रोन ऑपरेशन और मिलिट्री ट्रेनिंग में विशेषज्ञ माना जाता है।
क्या था पूरा नेटवर्क और मकसद
जांच में जो बातें सामने आई हैं, वे बेहद गंभीर हैं:
1. ड्रोन और हथियार प्रशिक्षण
आरोप है कि ये लोग म्यांमार के चिन राज्य में सक्रिय विद्रोही समूहों को:
ड्रोन ऑपरेशन हथियारों का इस्तेमाल सैन्य रणनीति की ट्रेनिंग दे रहे थे।
2. अंतरराष्ट्रीय साजिश
जांच एजेंसियों के अनुसार यह कोई साधारण मामला नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है, जिसमें:
यूरोप से ड्रोन सप्लाई भारत के रास्ते लॉजिस्टिक मूवमेंट म्यांमार के विद्रोही संगठनों से सीधा संपर्क शामिल है।
3. भारत में हमले की आशंका
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह नेटवर्क भारत में भी आतंकी गतिविधियों की योजना बना रहा था।
कानूनी कार्रवाई
सभी आरोपियों पर भारत के सख्त आतंकवाद विरोधी कानून UAPA (Unlawful Activities Prevention Act) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दिल्ली की विशेष अदालत ने इन्हें पूछताछ के लिए NIA की कस्टडी में भेजा है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
यूक्रेन ने अपने नागरिकों की गिरफ्तारी पर चिंता जताई और निष्पक्ष जांच की मांग की है। अमेरिका ने मामले की जानकारी होने की पुष्टि की, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी से परहेज किया।
विशेष विश्लेषण (शैल ग्लोबल टाइम्स)
यह मामला भारत की आंतरिक सुरक्षा के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सीमा पार संघर्षों से भी जुड़ा है।
म्यांमार में जारी गृह संघर्ष का असर भारत के पूर्वोत्तर तक पहुंच रहा है ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक अब विद्रोही समूहों तक पहुंच रही है विदेशी नागरिकों की भूमिका इस खतरे को और जटिल बना रही है
विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना “नए प्रकार के हाइब्रिड युद्ध” (Hybrid Warfare) का संकेत है, जिसमें तकनीक, अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और स्थानीय विद्रोह एक साथ काम कर रहे हैं।
निष्कर्ष
अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों की यह गिरफ्तारी केवल एक कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि एक बड़े अंतरराष्ट्रीय षड्यंत्र की ओर इशारा करती है।
जांच अभी जारी है और आने वाले समय में इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
रिपोर्ट: शैल ग्लोबल टाइम्स डेस्क रूद्रपुर उत्तराखंड

